उपबोलियाँ :-
- तोरावाटी बोली – कांतली नदी का अपवाह क्षेत्र तोरावाटी प्रदेश कहलाता है यह इस प्रदेश में बोली जाने वाली भाषा है।
- किशनगढ़ी – किशनगढ़ के आस-पास
- अजमेरी – अजमेर जिले के गाँवों की बोली
- राजावाटी – सवाई माधोपुर – जयपुर के सीमावर्ती क्षेत्र में बोली जाने वाली बोली
- कोठड़ी – जयपुर-दौसा का सीमावर्ती क्षेत्र में
- चौरसी – बूँदी के क्षेत्र में
- नागर चोल – टोंक-जयपुर के सीमावर्ती क्षेत्र में
- उदयपुर वाटी – झुंझुनूँ-जयपुर के सीमावर्ती क्षेत्र में
- हाड़ौती – ढूँढाड़ी की उपबोली।
- कवि सूर्यमल्ल मिश्रण ने अपने काव्य ग्रन्थों में इसी बोली का प्रयोग किया हैं।
- एम. केलांग ने 1875 ईस्वी में अपनी पुस्तक ‘हिन्दी ग्रामर’ में हाड़ौती शब्द का भाषा के अर्थ में सर्वप्रथम प्रयोग किया।