पुष्पदन्त आरती - Pushpdant Aarti
ओम जय पुष्पदन्त स्वामी, प्रभु जय पुष्पदंत स्वामी । काकंदी में जन्मे, त्रिभुवन नामी, ओम सब उतारे तेरी आरती ॥ ओम जय पु…
ओम जय पुष्पदन्त स्वामी, प्रभु जय पुष्पदंत स्वामी । काकंदी में जन्मे, त्रिभुवन नामी, ओम सब उतारे तेरी आरती ॥ ओम जय पु…
ऊँ जय पारस देवा स्वामी जय पारस देवा । सुर नर मुनिजन तुम चरणन की करते नित सेवा । ऊँ जय० पौष वदी ग्यारस काशी में आनन्द अ…
यह विधि मंगल आरती कीजे, पंच परम पद भज सुख लीजे । पहली आरती श्री जिनराजा, भव दधि पार उतार जिहाजा । यह विधि मंगल आरती की…
जय पद्मप्रभु देवा, स्वामी जय पद्मप्रभु देवा । जय पद्मप्रभु देवा, स्वामी जय पद्मप्रभु देवा । तुम बिन कौन जगत में मेरा २…
तीर्थंकर शान्तिनाथ एक समय हस्तिनापुर नगरी में काश्यपगोत्री महाराज विश्वसेन राज्य करते थे । गान्धार नरेश के राजा । अज…
मिथ्यात्व तत्वों पर यथार्थ श्रद्धान नहीं होना ही मिध्यात्व है अथवा सच्चे देव , शास्त्र , गुरु पर श्रद्धानन करना या झट…
सच्चे देव - शास्त्र - गुरु देव का लक्षण - जो वीतरागी सर्वज और हितोपदेशी होता है , वह सच्चा देव कहलाता है । अरिहन तीर्…