Sachche Dev - Shastra - Guru -सच्चे देव - शास्त्र - गुरु
सच्चे देव - शास्त्र - गुरु देव का लक्षण - जो वीतरागी सर्वज और हितोपदेशी होता है , वह सच्चा देव कहलाता है । अरिहन तीर्…
सच्चे देव - शास्त्र - गुरु देव का लक्षण - जो वीतरागी सर्वज और हितोपदेशी होता है , वह सच्चा देव कहलाता है । अरिहन तीर्…
जम्बूस्वामी अन्तिम तीर्थकर वर्द्धमानस्वामी के मोक्ष जाने के बाद गौतमस्वामी , सुधर्माचार्य तथा जम्बूस्वामी अनुबद्ध केव…
रेवती रानी विजयार्ध पर्वत की दक्षिण श्रेणी सम्बन्धी मेघकूट नगर का राजा चन्द्रप्रभ , अपने चन्द्रशेखर पुत्र के लिय राज्…
मेरी - भावना ( जुगलकिशोर मुख्तार युगवीर कृत ) जिसने रागद्वेष कामादिक जीते सब जग जान लिया । सब जीवों को मोक्षमार्ग का…
देव स्तुति वीतराग सर्वज्ञ हितंकर , भविजन की अब पूरो आस । ज्ञान भानु का उदय करो , मम मिथ्यातम का होय विनास ॥ जीवों की …
चौका शुद्धि चौका का अर्थ होता है चार , शुद्धि का अर्थ शुद्धता अर्थात् द्रव्य , क्षेत्र , काल , भाव की शुद्धि होना चौका…
द्रव्य द्रव्य का लक्षण – जिसमें गण और पर्याय होते हैं , उसे द्रव्य कहते हैं अथवा जिसमें उत्पाद , व्यय और । प्रौव्य ह…